Celebrating Great Writing

Category: hindi kavita

इस बार मिले हैं ग़म, कुछ और तरह से भीआँखें है हमारी नम, कुछ और तरह से भी शोला भी नहीं उठता, काजल भी नहीं बनताजलता है किसी का ग़म, कुछ और तरह से भी हर शाख़ सुलगती है, हर…

मिरी ज़बाँ पे नए ज़ाइक़ों के फल लिख देमिरे ख़ुदा तू मिरे नाम इक ग़ज़ल लिख दे मैं चाहता हूँ ये दुनिया वो चाहता है मुझेये मसअला बड़ा नाज़ुक है कोई हल लिख दे ये आज जिस का है उस…

गरज बरस प्यासी धरती पर फिर पानी दे मौलाचिड़ियों को दाना, बच्चों को गुड़धानी दे मौला दो और दो का जोड़ हमेशा चार कहाँ होता हैसोच समझवालों को थोड़ी नादानी दे मौला फिर रोशन कर ज़हर का प्याला चमका नई…

आओ साथी जी लेते हैंविष हो या अमृत हो जीवनसहज भाव से पी लेते हैं सघन कंटकों भरी डगर हैहर प्रवाह के साथ भँवर हैआगे हैं संकट अनेक, परपीछे हटना भी दुष्कर है।विघ्नों के इन काँटों से हीघाव हृदय के…

कभी यूँ भी तो होदरिया का साहिल होपूरे चाँद की रात होऔर तुम आओ कभी यूँ भी तो होपरियों की महफ़िल होकोई तुम्हारी बात होऔर तुम आओ कभी यूँ भी तो होये नर्म मुलायम ठंडी हवायेंजब घर से तुम्हारे गुज़रेंतुम्हारी…

जिन्दगी तुझको जिया है कोई अफ़सोस नहीं,ज़हर ख़ुद मैंने पिया है कोई अफ़सोस नहीं मैंने मुजरिम को भी मुजरिम न कहा दुनिया में,बस यही जुर्म किया है कोई अफ़सोस नहीं मेरी क़िस्मत में जो लिखे थे उन्ही काँटों से,दिल के…

सब कुछ झूट है लेकिन फिर भी बिल्कुल सच्चा लगता हैजान-बूझ कर धोका खाना कितना अच्छा लगता है ईंट और पत्थर मिट्टी गारे के मज़बूत मकानों मेंपक्की दीवारों के पीछे हर घर कच्चा लगता है आप बनाता है पहले फिर…

कैसे कह दूँ कि मुलाकात नहीं होती हैरोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है आप लिल्लाह न देखा करें आईना कभीदिल का आ जाना बड़ी बात नहीं होती है छुप के रोता हूँ तेरी याद में दुनिया भर सेकब…

माँ के लिए सम्भव नहीं होगी मुझसे कविताअमर चिऊँटियों का एक दस्ता मेरे मस्तिष्क में रेंगता रहता हैमाँ वहाँ हर रोज़ चुटकी-दो-चुटकी आटा डाल देती हैमैं जब भी सोचना शुरू करता हूँयह किस तरह होता होगाघट्टी पीसने की आवाज़ मुझे…

रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद,आदमी भी क्या अनोखा जीव है!उलझनें अपनी बनाकर आप ही फँसता,और फिर बेचैन हो जगता, न सोता है। जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ?मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरतेऔर लाखों…

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