Celebrating Great Writing

Author: shajarekhwab

दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह फिर चाहे दीवाना कर दे या अल्लाह मैनें तुझसे चाँद सितारे कब माँगे रौशन दिल, बेदार नज़र दे या अल्लाह (बेदार = जागृत) सूरज सी इक चीज़ तो हम सब देख चुके…

बहुत हुआ रूहानी इश्क़ अब के तो मिलना है तुमसे,ग़ज़लें नही लिखनी है छुना है तुमको… वो हज़ार बार के पढ़े हुए खत एक और बार नही पढ़ने है मुझे, मुझे अपनी उंगलिया तुम्हारी हथेली पे चाहिए… चूम लेना है…

8 सितम्बर 1933 को जन्मी आशा भोसले ने 1943 से अपना करियर शुरू किया और तब से वे अब तक लगातार गा रही हैं। हिंदी फिल्मों में उन्होंने गायन की शुरुआत 1948 में रिलीज हुई फिल्म चुनरिया से की थी।…

अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया जिस को गले लगा लिया वो दूर हो गया काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के दीवाना बे-पढ़े-लिखे मशहूर हो गया महलों में हम ने कितने सितारे सजा दिए लेकिन ज़मीं…

उँगलियाँ यूँ न सब पर उठाया करो खर्च करने से पहले कमाया करो ज़िन्दगी क्या है खुद ही समझ जाओगे बारिशों में पतंगें उड़ाया करो दोस्तों से मुलाक़ात के नाम पर नीम की पत्तियों को चबाया करो शाम के बाद…

Jab bhi aati hai teri yaad/ जब भी आती है तेरी याद जब भी आती है तेरी याद कभी शाम के बाद और बढ़ जाती है अफ़सुर्दादिली शाम के बाद(अफ़सुर्दादिली = दिल की उदासीनता, दिल की मुरझाहट) अब इरादों पे…

ऐ दोस्त! तिरी आँख जो नम है तो मुझे क्या मैं ख़ूब हँसूँगा तुझे ग़म है तो मुझे क्या क्या मैं ने कहा था कि ज़माने से भला कर अब तू भी सज़ावार-ए-सितम है तो मुझे क्या हाँ ले ले…

इसमे क्या आश्चर्य? प्रीति जब प्रथम–प्रथम जगती है‚दुर्लभ स्वप्न–समान रम्य नारी नर को लगती है। कितनी गौरवमयी घड़ी वह भी नारी जीवन की‚जब अजेय केसरी भूल सुधबुध समस्त तन मन की‚पद पर रहता पड़ा‚ देखता अनिमिष नारी मुख को‚क्षण–क्षण रोमाकुलित‚…

बीते हुए दिन ख़ुद को जब दोहराते हैं वसीम बरेलवी बीते हुए दिन ख़ुद को जब दोहराते हैं एक से जाने हम कितने हो जाते हैं हम भी दिल की बात कहाँ कह पाते हैं आप भी कुछ कहते कहते…

श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है॥ मोर मुकुट सर गल बन माला, केसर तिलक लगाए, वृन्दावन में कुञ्ज गलिन में सब को नाच…

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