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Tu is tarah se meri zindagi me shamil hai Nida Fazli

Tu is tarah se meri zindagi me shamil hai Nida Fazli
हर एक फूल किसी याद सा महकता है
तेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैं
ये सब्ज़ पेड़ हैं या प्यार की दुआएं हैं
तू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है, जहाँ भी ...

हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन
ये रोशनी जो ना हो ज़िंदगी अधूरी है
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है
ये रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है, जहाँ भी ..

तेरे बगैर जहाँ में कोई कमी सी थी
भटक रही थी जवानी अंधेरी राहों में
सुकून दिल को मिला आ के तेरी बाहों में
मैं एक खोई हुई मौज हूँ तू साहिल है, जहाँ भी ...

तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी
खुदा करे की ये दीवानगी रहे बाकी
तेरी वफ़ा ही मेरी हर खुशी का हासिल है, जहाँ
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shajarekhwab

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