Celebrating Great Writing

Samne hai jo use log bura kahte hai Jagjit Singh Sudarshan Faakir

Samne hai jo use log bura kahte hai Jagjit Singh Sudarshan Faakir

सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं

जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं

ज़िंदगी को भी सिला कहते हैं कहने वाले

जीने वाले तो गुनाहों की सज़ा कहते हैं

फ़ासले उम्र के कुछ और बढ़ा देती है

जाने क्यूँ लोग उसे फिर भी दवा कहते हैं

चंद मासूम से पत्तों का लहू है ‘फ़ाकिर’

जिस को महबूब की हाथों की हिना कहते हैं

Please follow and like us:
error

shajarekhwab

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top