Celebrating Great Writing

#सुभद्राकुमारी_चौहानका जन्म नागपंचमी के दिन #16अगस्त_1904 को इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश) के निकट निहालपुर गाँव में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था।सुभद्राकुमारी को बचपन से ही काव्य-ग्रंथों से विशेष लगाव व रूचि था। आपका विद्यार्थी जीवन प्रयाग में ही बीता। अल्पायु आयु…

🇮🇳स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शजर-ए-ख्वाब के सभी साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं🇮🇳 स्वतंत्रता की पुकार / #अटल_बिहारी_वाजपेयी जी #पन्द्रह_अगस्त का दिन कहता – आज़ादी अभी अधूरी है। सपने सच होने बाक़ी हैं, राखी की शपथ न पूरी है॥ जिनकी…

💐Remembering #Shridevi on her Birth Anniversary…. #13August 1963,💐 श्रीदेवी ने अपने फ़िल्मी करियर में कई अनगिनत फिल्में की। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई दमदार रोल किए और कई मजबूत फीमेल किरदार को पर्दे पर बेहतरीन तरीके से पेश किया…

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं मिरी याद से जंग फ़रमा रहे हैं ये कैसी हवा-ए-तरक़्क़ी चली है दिए तो दिए दिल बुझे जा रहे हैं इलाही मिरे दोस्त हों ख़ैरियत से ये क्यूँ घर में पत्थर नहीं आ…

#Bashir_Badr🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफ़र रहा न क़याम है कहीं कारोबार सी दोपहर कहीं बद-मिज़ाज सी शाम है यूँही रोज़ मिलने की आरज़ू बड़ी रख-रखाव की गुफ़्तुगू ये शराफ़तें नहीं बे-ग़रज़ इसे आप से कोई काम है…

मैं ढूँडता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता नई ज़मीन नया आसमाँ नहीं मिलता नई ज़मीन नया आसमाँ भी मिल जाए नए बशर का कहीं कुछ निशाँ नहीं मिलता वो तेग़ मिल गई जिस से हुआ है क़त्ल मिरा किसी…

हिज्र की पहली शाम के साये दूर उफ़क़ तक छाये थे

हिज्र* की पहली शाम के साये दूर उफ़क़* तक छाये थे हम जब उसके शहर से निकले सब रास्ते सँवलाये थे जाने वो क्या सोच रहा था अपने दिल में सारी रात प्यार की बातें करते करते उस के नैन…

किस बाज़ार में मिलता है पता है तुम्हें क्या जो दरख़्तों में रिसता है बरसात का पानी और भर जाता है आँखों में  धीरे धीरे याद बन कर ना छलकता है ना दिखता है बस धीमी धीमी सी साँसे लेता…

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