Celebrating Great Writing

Farishto se bhi achha mai bura hone se pahle tha Anwar Shaoor

Farishto se bhi achha mai bura hone se pahle tha Anwar Shaoor

फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था

वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था

किया करते थे बातें ज़िंदगी-भर साथ देने की

मगर ये हौसला हम में जुदा होने से पहले था

हक़ीक़त से ख़याल अच्छा है बेदारी से ख़्वाब अच्छा

तसव्वुर में वो कैसा सामना होने से पहले था

अगर मादूम को मौजूद कहने में तअम्मुल है

तो जो कुछ भी यहाँ है आज क्या होने से पहले था

किसी बिछड़े हुए का लौट आना ग़ैर-मुमकिन है

मुझे भी ये गुमाँ इक तजरबा होने से पहले था

‘शुऊर’ इस से हमें क्या इंतिहा के बा’द क्या होगा

बहुत होगा तो वो जो इब्तिदा होने से पहले था

Please follow and like us:
error

shajarekhwab

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top