Celebrating Great Writing

Category: love Mohabbat Ishq

मेरी अदबी और ज़ाती जिंदगी दोनों ही सर गर्म थीं। अमृता से मुलाकातों का सिलसिला जारी था। हम जब भी करीब होते, मैंने यह बहुत बार महसूस किया कि अमृता बहुत शिद्दत से मेरे चेहरे, हाथ और उंगलियों पर गौर…

चाँद बरसे तसल्लियों की तरह घर में दो-चार खिड़कियाँ रखना अपनी दुनिया है दिल-फ़रेब बहुत एक दिल को कहाँ कहाँ रखना तू रहेगा जहाँ ज़मीं है तिरी मैं जहाँ हूँ मुझे वहाँ रखना लफ़्ज़ मिल जाएँ तो बयाँ होगा होंट…

कहीं ऐसा न हो तकल्लुफ़ को दिल का रिश्ता समझ ले दिल मेरा इस तरह पास पास रहने से तुम को अपना समझ ले दिल मेरा यूँ ही कह दो कि आओगे मिलने और मैं इंतिज़ार कर बैठूँ रोज़ मिलना…

जब दूरियों की आग दिलों को जलाएगी जिस्मों को चाँदनी में भिगोया करेंगे हम बिन कर हर एक बज़्म का मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू शे’रों में तेरे ग़म को समोया करेंगे हम मजबूरियों के ज़हर से कर लेंगे ख़ुद-कुशी ये बुज़दिली का जुर्म…

जो मेरी छत का रस्ता चाँद ने देखा नही होतातो शायद चाँदनी लेकर यहाँ उतरा नही होता दुआयें दो तुम्हे मशहूर हमने कर दिया वरनानजर अंदाज कर देते तो ये जलवा नहीं होता अभी तो और भी मौसम पडे़ है…

सब पे तू मेहरबान है प्यारे कुछ हमारा भी ध्यान है प्यारे आ कि तुझ बिन बहुत दिनों से ये दिल एक सूना मकान है प्यारे तू जहाँ नाज़ से क़दम रख दे वो ज़मीन आसमान है प्यारे मुख़्तसर है…

मतला ग़ज़ल का ग़ैर ज़रूरी क्या क्यूँ कब का हिस्सा है ज़िंदगी चाकलेट केक है थोड़ा थोड़ा सब का हिस्सा है अब जो बार में तन्हा पीता हूँ कॉफ़ी के नाम पे ज़हर उस की तल्ख़ सी शीरीनी में उस…

मुझ को आदत है रूठ जाने की आप मुझ को मना लिया कीजे मिलते रहिए इसी तपाक के साथ बेवफ़ाई की इंतिहा कीजे कोहकन को है ख़ुद-कुशी ख़्वाहिश शाह-बानो से इल्तिजा कीजे मुझ से कहती थीं वो शराब आँखें आप…

प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगीमेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी ज़िन्दा हूँख़्वाब क्यूँ देखूँ वो कल जिसपे मैं…

अब हलो हाय में ही बात हुआ करती हैरास्ता चलते मुलाक़ात हुआ करती है दिन निकलता है तो चल पड़ता हूं सूरज की तरहथक के गिर पड़ता हूं जब रात हुआ करती है रोज़ इक ताज़ा ग़ज़ल कोई कहां तक…

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