Celebrating Great Writing

Category: jagjit Singh

कभी आँसू कभी ख़ुशी बेचीहम ग़रीबों ने बेकसी बेची (बेकसी = दुःख, कष्ट, तक़लीफ़, बेबसी, विवशता) चन्द साँसे ख़रीदने के लियेरोज़ थोड़ी सी ज़िन्दगी बेची जब रुलाने लगे मुझे सायेमैंने उकता के रौशनी बेची एक हम थे के बिक गये ख़ुद…

मैं भी बिक जाऊँ अगर रस्म ये डाली जाएसर तो नीलाम हो पगड़ी ना उछाली जाए काट दे पाँव अगर भीख नहीं दे सकतातेरी दहलीज़ से आगे ना सवाली जाए मेरी नस नस में जो ख़ूँ है तेरे दामन पे सहीहाथ…

मेरी ज़िन्दगी किसी और की, मेरे नाम का कोई और हैमेरा अक्स है सर-ए-आईना, पस-ए-आइना कोई और है (सर-ए-आईना = आईने के सामने), (अक्स = प्रतिबिम्ब, परछाई), (पस-ए-आइना = आईने के पीछे) मेरी धड़कनों में है चाप सी, ये जुदाई भी है…

जब दूरियों की आग दिलों को जलाएगी जिस्मों को चाँदनी में भिगोया करेंगे हम बिन कर हर एक बज़्म का मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू शे’रों में तेरे ग़म को समोया करेंगे हम मजबूरियों के ज़हर से कर लेंगे ख़ुद-कुशी ये बुज़दिली का जुर्म…

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छूटा करतेवक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं टूटा करते जिसने पैरों के निशाँ भी नहीं छोड़े पीछेउस मुसाफ़िर का पता भी नहीं पूछा करते तूने आवाज़ नहीं दी कभी मुड़कर वरनाहम कई सदियाँ तुझे…

निदा फाजली उर्दू और हिंदी दुनिया के अजीम शायरों और गीतकारों में आज भी शुमार हैं. उनके गीत काफी सरल माने जाते हैं, जो हर एक की जुबान पर चढ़े रहते थे. ऐसी ही खासियत थी गज़ल गायक जगजीत साहब…

कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे तू ने आँखों से कोई बात कही हो जैसे जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे जान बाक़ी है मगर साँस रुकी हो जैसे हर मुलाक़ात पे महसूस यही होता है मुझ…

अब मैं राशन की क़तारों में नज़र आता हूँअपने खेतों से बिछड़ने की सज़ा पाता हूँ इतनी महंगाई के बाज़ार से कुछ लाता हूँअपने बच्चों में उसे बाँट के शरमाता हूँ अपनी नींदों का लहू पोंछने की कोशिश मेंजागते जागते थक…

हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिलेअजनबी जैसे अजनबी से मिले हर वफ़ा एक जुर्म हो गोयादोस्त कुछ ऐसी बेरुख़ी से मिले (गोया = मानो, जैसे) फूल ही फूल हम ने माँगे थेदाग़ ही दाग़ ज़िन्दगी से मिले जिस तरह…

दिल के दीवार-ओ-दर पे क्या देखा बस तिरा नाम ही लिखा देखा तेरी आँखों में हम ने क्या देखा कभी क़ातिल कभी ख़ुदा देखा अपनी सूरत लगी पराई सी जब कभी हम ने आईना देखा हाए अंदाज़ तेरे रुकने का…

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