यह मिट्टी की चतुराई है,रूप अलग औ’ रंग अलग,भाव, विचार, तरंग अलग हैं,ढाल अलग है ढंग अलग, आजादी है जिसको चाहो आज उसे वर लोहोली है तो आज अपरिचित से परिचय कर को ! निकट हुए तो बनो निकटतरऔर निकटतम…