Celebrating Great Writing

Category: Harishankar Parsaai

मित्रों से तो मैं कहना चाहता हूँ कि ये कार्ड न भेजें। शुभकामना इस देश में कारगर नहीं हो रही हैं। यहाँ गोरक्षा का जुलूस सात लाख का होता है और मनुष्य रक्षा का सिर्फ एक लाख का। दुनिया भर…

पर ये सज्जन कविता सुनाने में संकोच कर रहे थे और कह रहे थे- हम तो आपसे कुछ लेने आये हैं। मैं समझता रहा कि ये समाज और साहित्य के बारे में कुछ ज्ञान लेने आये हैं। कविताएं उन्होंने बड़े…

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