Celebrating Great Writing

Category: Bollywood lyricist

जहाँ पे सवेरा हो बसेरा वहीं है…कभी पास बैठो, किसी फूल के पाससुनो जब महकता है, बहुत कुछ ये कहता हैओ कभी गुनगुना के, कभी मुस्कुरा केकभी चुपके-चुपके, कभी खिलखिला केजहाँ पे सवेरा हो बसेरा वहीं हैजहाँ पे सवेरा हो…

हर एक फूल किसी याद सा महकता हैतेरे खयाल से जागी हुई फ़िज़ाएं हैंये सब्ज़ पेड़ हैं या प्यार की दुआएं हैंतू पास हो कि नहीं फिर भी तू मुकाबिल है, जहाँ भी …हर एक शय है मुहब्बत के नूर…

प्यार मुझसे जो किया तुमने तो क्या पाओगीमेरे हालात की आंधी में बिखर जाओगी रंज और दर्द की बस्ती का मैं बाशिन्दा हूँये तो बस मैं हूँ के इस हाल में भी ज़िन्दा हूँख़्वाब क्यूँ देखूँ वो कल जिसपे मैं…

तमाम उम्र मैं इक अजनबी के घर में रहा ।सफ़र न करते हुए भी किसी सफ़र में रहा । वो जिस्म ही था जो भटका किया ज़माने में,हृदय तो मेरा हमेशा तेरी डगर में रहा । तू ढूँढ़ता था जिसे…

Miss Tondon met with an accident and has expired” (कुमारी टंडन का एक्सीडेण्ट हुआ और उनका देहान्त हो गया है)। निदा बहुत दु:खी हुए और उन्होंने पाया कि उनका अभी तक का लिखा कुछ भी उनके इस दुख को व्यक्त…

वो सर-फिरी हवा थी सँभलना पड़ा मुझे मैं आख़िरी चराग़ था जलना पड़ा मुझे महसूस कर रहा था उसे अपने आस पास अपना ख़याल ख़ुद ही बदलना पड़ा मुझे सूरज ने छुपते छुपते उजागर किया तो था लेकिन तमाम रात…

जब चले जाएँगे हम लौट के सावन की तरहयाद आयेंगे प्रथम प्यार के चुम्बन की तरह. ज़िक्र जिस दम भी छिड़ा उनकी गली में मेरा,जाने शरमाए वो क्यूँ गाँव की दुल्हन की तरह. मेरे घर कोई ख़ुशी आती तो कैसे…

माना तिरी नज़र में तिरा प्यार हम नहीं कैसे कहें कि तेरे तलबगार हम नहीं सींचा था जिस को ख़ून-ए-तमन्ना से रात-दिन गुलशन में उस बहार के हक़दार हम नहीं हम ने तो अपने नक़्श-ए-क़दम भी मिटा दिए लो अब…

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